Ambedkar Jayanti

India • April 14, 2026 • Tuesday

101
Days
16
Hours
20
Mins
28
Secs
until Ambedkar Jayanti
Asia/Kolkata timezone

Holiday Details

Holiday Name
Ambedkar Jayanti
Country
India
Date
April 14, 2026
Day of Week
Tuesday
Status
101 days away
About this Holiday
Ambedkar Jayanti is a observance in India

About Ambedkar Jayanti

Also known as: अम्बेडकर जयंती

अम्बेडकर जयंती: भारत के सामाजिक न्याय और समानता का महापर्व

अम्बेडकर जयंती, जिसे 'भीम जयंती' या 'समानता दिवस' के रूप में भी जाना जाता है, भारत के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय त्योहारों और गौरवशाली दिवसों में से एक है। यह दिन केवल एक व्यक्ति का जन्मदिन नहीं है, बल्कि यह उस विचारधारा का उत्सव है जिसने आधुनिक भारत की नींव रखी। डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर, जिन्हें प्यार से 'बाबासाहेब' कहा जाता है, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार, एक महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और दलितों, पिछड़ों तथा महिलाओं के अधिकारों के प्रखर पैरोकार थे। उनके योगदान ने भारत के सामाजिक ताने-बाने को पुनर्गठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह दिन भारत के करोड़ों लोगों के लिए आत्म-सम्मान और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। विशेष रूप से दलित समुदाय और शोषित वर्गों के लिए अम्बेडकर जयंती एक मील का पत्थर है, जो उन्हें याद दिलाता है कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से किसी भी प्रकार के अन्याय को पराजित किया जा सकता है। बाबासाहेब का जीवन स्वयं में एक प्रेरणा है—एक 'अछूत' माने जाने वाले परिवार में जन्म लेने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान निर्माता बनने तक का उनका सफर अदम्य साहस और अटूट संकल्प की गाथा है।

2026 में अम्बेडकर जयंती कब है?

वर्ष 2026 में, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की जयंती पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस वर्ष की महत्वपूर्ण तिथियां और जानकारी इस प्रकार हैं:

दिनांक: April 14, 2026 दिन: Tuesday शेष समय: अब से इस गौरवशाली दिन तक 101 दिन शेष हैं।

अम्बेडकर जयंती की तिथि निश्चित है। यह हर साल 14 अप्रैल को ही मनाई जाती है, क्योंकि इसी दिन 1891 में बाबासाहेब का जन्म मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अम्बेडकर नगर) में हुआ था। अन्य कई भारतीय त्योहारों के विपरीत, जो चंद्र कैलेंडर या पंचांग पर आधारित होते हैं, अम्बेडकर जयंती ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार एक स्थिर तिथि पर आती है।

ऐतिहासिक महत्व और बाबासाहेब का जीवन दर्शन

डॉ. अम्बेडकर का जन्म एक ऐसे समय में हुआ था जब भारतीय समाज जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। एक महार परिवार में पैदा होने के कारण उन्हें बचपन से ही अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ा। स्कूल में उन्हें अन्य बच्चों से अलग जमीन पर बैठना पड़ता था और उन्हें सार्वजनिक नल से पानी पीने तक की अनुमति नहीं थी। इन अपमानों ने उनके भीतर समाज को बदलने की एक ज्वाला प्रज्वलित की।

शिक्षा की शक्ति: बाबासाहेब का मानना था कि "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा।" उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधियां प्राप्त कीं। वे अपने समय के सबसे शिक्षित भारतीयों में से एक थे। उनकी विद्वत्ता ने उन्हें ब्रिटिश शासन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद भारत के पुनर्निर्माण में एक अनिवार्य व्यक्ति बना दिया।

संविधान निर्माण: 1947 में स्वतंत्रता के बाद, उन्हें संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने एक ऐसा संविधान तैयार किया जो जाति, धर्म, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भी भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। उन्होंने 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के सिद्धांतों को भारतीय लोकतंत्र की आत्मा बनाया।

सामाजिक सुधार और बौद्ध धर्म: बाबासाहेब ने महसूस किया कि हिंदू धर्म के भीतर जाति व्यवस्था की जड़ें बहुत गहरी हैं। 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में उन्होंने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया। उन्होंने इसे एक ऐसे धर्म के रूप में देखा जो तर्कसंगतता, करुणा और समानता पर आधारित है।

अम्बेडकर जयंती का उत्सव और परंपराएं

अम्बेडकर जयंती मनाने का तरीका बहुत ही गरिमापूर्ण और वैचारिक होता है। यह अन्य त्योहारों की तरह केवल नाच-गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्म-चिंतन और सामाजिक सेवा का दिन है।

  1. प्रतिमाओं पर माल्यार्पण: इस दिन की सबसे प्रमुख गतिविधि बाबासाहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करना है। संसद भवन परिसर से लेकर देश के छोटे-छोटे गांवों तक, लोग उनकी मूर्तियों को फूलों से सजाते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
  2. चैत्य भूमि और दीक्षा भूमि: मुंबई में 'चैत्य भूमि' (उनका स्मारक) और नागपुर में 'दीक्षा भूमि' पर लाखों की संख्या में अनुयायी इकट्ठा होते हैं। यहाँ का दृश्य अत्यंत प्रभावशाली होता है, जहाँ लोग नीले झंडे लेकर बाबासाहेब के जयकारे लगाते हैं।
  3. शोभा यात्राएं: कई शहरों में विशाल जुलूस निकाले जाते हैं। इन यात्राओं में बाबासाहेब के जीवन की झांकियां दिखाई जाती हैं और उनके द्वारा दिए गए नारों जैसे "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो" की गूँज सुनाई देती है।
  4. सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेमिनार: स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन और व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य विषय सामाजिक न्याय, संविधान का महत्व और जाति उन्मूलन होता है। 'जाति का विनाश' (Annihilation of Caste) जैसी उनकी प्रसिद्ध कृतियों पर चर्चा की जाती है।
  5. नीला रंग: इस दिन नीला रंग प्रमुखता से दिखाई देता है। नीला रंग बाबासाहेब के राजनीतिक दल (शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन) का प्रतीक था और यह आकाश की व्यापकता और समानता को दर्शाता है। लोग अक्सर नीले कपड़े पहनते हैं और नीले झंडे फहराते हैं।

पर्यटकों और प्रवासियों के लिए व्यावहारिक जानकारी

यदि आप 2026 में अम्बेडकर जयंती के दौरान भारत में हैं, तो इस ऐतिहासिक उत्सव का अनुभव करने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं:

प्रमुख स्थान: मुंबई का दादर क्षेत्र (चैत्य भूमि), नई दिल्ली में संसद मार्ग और नागपुर में दीक्षा भूमि इस दिन के मुख्य केंद्र होते हैं। इन स्थानों पर अत्यधिक भीड़ की उम्मीद करें। यातायात और सुरक्षा: प्रमुख शहरों में जुलूसों के कारण यातायात के मार्ग बदले जा सकते हैं। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और पैदल चलने के लिए तैयार रहना बेहतर होता है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होती है, इसलिए सहयोग करें। व्यवहार और शिष्टाचार: यह एक गंभीर और सम्मानजनक अवसर है। समारोहों में शामिल होते समय शालीन कपड़े पहनें। यह धार्मिक अनुष्ठानों से अधिक एक सामाजिक और राजनीतिक चेतना का दिन है, इसलिए चर्चाओं और भाषणों को ध्यान से सुनना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। प्रदर्शनी और साहित्य: इस दिन अम्बेडकरवादी साहित्य की बहुत बिक्री होती है। आप बाबासाहेब के जीवन और भारतीय राजनीति पर आधारित पुस्तकें और स्मारिकाएं खरीद सकते हैं, जो आपको भारतीय समाज की गहरी समझ प्रदान करेंगी।

सार्वजनिक अवकाश की स्थिति

अम्बेडकर जयंती भारत में एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश है। मार्च 2025 में भारत की केंद्र सरकार द्वारा इसे देशव्यापी राष्ट्रीय अवकाश घोषित किए जाने के बाद, इसकी महत्ता और भी बढ़ गई है।

सरकारी कार्यालय और बैंक: भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस दिन बैंक, डाकघर और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। शिक्षण संस्थान: स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं, हालांकि कई संस्थान इस दिन विशेष जयंती समारोह आयोजित करने के लिए खुलते हैं। निजी क्षेत्र: अधिकांश निजी कंपनियां और कॉर्पोरेट कार्यालय भी इस दिन अवकाश रखते हैं, विशेष रूप से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में।

  • बाजार: सामान्य दुकानें और बाजार खुले रह सकते हैं, लेकिन जुलूस के मार्गों पर स्थित दुकानें दोपहर के समय बंद हो सकती हैं।

वैश्विक स्तर पर अम्बेडकर जयंती

अम्बेडकर जयंती अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी बाबासाहेब के योगदान को स्वीकार किया है और कई वर्षों से वहां उनकी जयंती मनाई जा रही है। इसके अलावा, अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भारतीय प्रवासी समुदाय इस दिन को 'समानता दिवस' के रूप में मनाते हैं। हाल के वर्षों में, ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) और अमेरिका के कई राज्यों ने आधिकारिक तौर पर 14 अप्रैल को समानता दिवस घोषित किया है।

निष्कर्ष

अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि एक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। बाबासाहेब ने हमें जो संविधान दिया, वह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि एक जीवित यंत्र है जो हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। 2026 में जब हम उनकी जयंती मनाएंगे, तो हमारा उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए समानता और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना होना चाहिए।

यह दिन भारत की विविधता में एकता और लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास का उत्सव है। चाहे वह एक छात्र हो, एक कर्मचारी हो या एक विदेशी आगंतुक, अम्बेडकर जयंती हर किसी को एक बेहतर और अधिक समावेशी दुनिया बनाने की प्रेरणा देती है। "जय भीम" का नारा केवल एक अभिवादन नहीं है, बल्कि यह अन्याय के खिलाफ जीत और मानवीय गरिमा का उद्घोष है।

Historical Dates

Ambedkar Jayanti dates in India from 2011 to 2025

Year Day of Week Date
2025 Monday April 14, 2025
2024 Sunday April 14, 2024
2023 Friday April 14, 2023
2022 Thursday April 14, 2022
2021 Wednesday April 14, 2021
2020 Tuesday April 14, 2020
2019 Sunday April 14, 2019
2018 Saturday April 14, 2018
2017 Friday April 14, 2017
2016 Thursday April 14, 2016
2015 Tuesday April 14, 2015
2014 Monday April 14, 2014
2013 Sunday April 14, 2013
2012 Saturday April 14, 2012
2011 Thursday April 14, 2011

Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.