Holiday Details
- Holiday Name
- Mothers' Day
- Country
- India
- Date
- May 10, 2026
- Day of Week
- Sunday
- Status
- 82 days away
- Weekend
- Falls on weekend
- About this Holiday
- Mother’s Day celebrates the achievements and efforts of mothers and mother figures.
India • May 10, 2026 • Sunday
Also known as: मदर्स डे
मदर्स डे (Mothers' Day) एक आधुनिक, पारिवारिक उत्सव है जो भारत में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन माताओं के प्रति प्रेम, त्याग और समाज में उनकी भूमिका को समर्पित है। भारत में यह पर्व अमेरिकी गतिविधियों से प्रेरित है, जहाँ अन्ना जार्विस द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन को 1914 में आधिकारिक मान्यता मिली थी। इसके बाद यह भारत में भी अपनाया गया और अब मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है, जहाँ "मातृ देवो भव" (माँ देवता है) जैसे वैदिक सिद्धांतों के माध्यम से माताओं को शक्ति के रूप में पूजा जाता है। हालाँकि यह किसी पारंपरिक हिंदू त्योहार का हिस्सा नहीं है, लेकिन इसकी भावना भारतीय संस्कृति में गहराई से समाई हुई है।
भारत में मदर्स डे का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि यह परिवारों को एक साथ लाता है। यह दिन माताओं के उन अनगिनत कामों और भावनाओं का सम्मान करने का अवसर है, जो वे बिना किसी स्वार्थ के करती हैं। शहरों में यह दिन व्यस्त जीवन में भी परिवार के बंधन को मजबूत करने का काम करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब इसकी पहुँच बढ़ी है, जहाँ लोग अपनी माताओं को उपहार देकर और समय बिताकर अपना प्यार व्यक्त करते हैं। यह दिन वाणिज्यिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपहार, फूल और विशेष भोजन की बिक्री बढ़ती है, लेकिन इसका मूल उद्देश्य भावनात्मक जुड़ाव ही रहता है। यह दिन याद दिलाता है कि माँ का स्थान हमेशा विशेष रहेगा, चाहे समय कैसा भी हो।
2026 में मदर्स डे Sunday, May 10, 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन मई के दूसरे रविवार को आता है, जो एक निश्चित तारीख नहीं बल्कि एक पैटर्न पर आधारित है। आज, 18 जनवरी 2026 से इस दिन तक केवल 82 दिन बचे हैं। इसका मतलब है कि यह त्योहार अब ज्यादा दूर नहीं है और परिवार इसकी तैयारी में जुट सकते हैं। मदर्स डे की तारीख हर साल बदलती रहती है, क्योंकि यह रविवार के आधार पर तय होती है। उदाहरण के लिए, यदि मई का पहला रविवार 1 तारीख को है, तो दूसरा रविवार 8 तारीख को आएगा; लेकिन अगर पहला रविवार 2 तारीख को है, तो दूसरा रविवार 9 तारीख को होगा। 2026 में यह 10 तारीख को है, जो एक सामान्य सप्ताहांत की तरह होगा।
यह तारीख भारत में एक विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह गर्मी के मौसम में आती है, जब परिवार अक्सर घर पर या छोटी यात्राओं पर समय बिताते हैं। चूंकि यह एक निश्चित तारीख नहीं है, इसलिए लोगों को हर साल कैलेंडर देखना पड़ता है ताकि वे सही दिन पर उत्सव की योजना बना सकें। भारत में इस दिन का कोई सरकारी छुट्टी नहीं होती, लेकिन यह रविवार को होने के कारण अधिकांश लोगों के लिए एक आरामदायक दिन होता है। इसलिए, यह एक व्यक्तिगत और पारिवारिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है, बिना किसी सार्वजनिक अवकाश के।
मदर्स डे का इतिहास अमेरिका में शुरू हुआ, जहाँ अन्ना जार्विस ने अपनी माँ के सम्मान में इस दिन को प्रचारित किया। 1914 में अमेरिकी सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी और मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में घोषित किया। इसके बाद यह विचार धीरे-धीरे दुनिया भर में फैला, और भारत में भी यह 20वीं सदी के मध्य से लोकप्रिय होना शुरू हुआ। भारत में यह ब्रिटिश और अमेरिकी सांस्कृतिक प्रभावों के माध्यम से आया, लेकिन इसने जल्दी ही स्थानीय संदर्भों को अपना लिया। आज यह देश भर में मनाया जाता है, चाहे वह शहर हो या गाँव।
भारतीय संदर्भ में, मदर्स डे का इतिहास पारंपरिक मातृ सम्मान से भी जुड़ा है। वैदिक काल से ही "मातृ देवो भव" का सिद्धांत रहा है, जहाँ माँ को देवता के समान माना जाता है। हालाँकि, यह आधुनिक मदर्स डे एक अलग घटना है, जो विशेष रूप से मई के दूसरे रविवार को केंद्रित है। भारत में इसकी शुरुआत 1960 के दशक में मानी जाती है, जब शहरी क्षेत्रों में यह विदेशी प्रभाव के तहत फैला। धीरे-धीरे, यह टेलीविजन, समाचार पत्रों और बाद में इंटरनेट के माध्यम से लोकप्रिय हुआ। आज यह एक राष्ट्रीय घटना बन गई है, जहाँ लोग इसे अपने तरीके से मनाते हैं।
भारत में मदर्स डे का उत्सव बहुत ही व्यक्तिगत और पारिवारिक होता है। अधिकांश परिवार इस दिन अपनी माताओं को उपहार देते हैं, जैसे फूल, आभूषण, व्यक्तिगत वस्तुएँ या हस्तनिर्मित कार्ड। शहरों में, बच्चे अपनी माताओं के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं या रेस्तरां में ले जाते हैं। घर पर, परिवार एक साथ बैठकर चाय या भोजन करते हैं, और बच्चे अपनी माताओं को गले लगाकर धन्यवाद देते हैं। यह दिन स्कूलों में भी बहुत खास होता है, जहाँ बच्चे कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जैसे कविता पाठ, नृत्य या नाटक, और माताओं को स्कूल बुलाया जाता है। कई स्कूलों में बच्चे अपने हाथों से बने कार्ड या कलाकृतियाँ देते हैं।
क्षेत्रीय स्तर पर, उत्सव में थोड़ा बदलाव आता है। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु में, यह दिन पारिवारिक बंधनों को मजबूत करने पर केंद्रित है। लोग मंदिरों का दौरा कर सकते हैं या प्रतीकात्मक रूप से संपत्ति उपहार में दे सकते हैं, जो माताओं के प्रति सम्मान दर्शाता है। इसी तरह, उत्तर भारत में, परिवार पिकनिक या छोटी यात्राओं पर
Mothers' Day dates in India from 2010 to 2025
| Year | Day of Week | Date |
|---|---|---|
| 2025 | Sunday | May 11, 2025 |
| 2024 | Sunday | May 12, 2024 |
| 2023 | Sunday | May 14, 2023 |
| 2022 | Sunday | May 8, 2022 |
| 2021 | Sunday | May 9, 2021 |
| 2020 | Sunday | May 10, 2020 |
| 2019 | Sunday | May 12, 2019 |
| 2018 | Sunday | May 13, 2018 |
| 2017 | Sunday | May 14, 2017 |
| 2016 | Sunday | May 8, 2016 |
| 2015 | Sunday | May 10, 2015 |
| 2014 | Sunday | May 11, 2014 |
| 2013 | Sunday | May 12, 2013 |
| 2012 | Sunday | May 13, 2012 |
| 2011 | Sunday | May 8, 2011 |
| 2010 | Sunday | May 9, 2010 |
Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.