Holiday Details
- Holiday Name
- Ramzan Id
- Country
- India
- Date
- March 21, 2026
- Day of Week
- Saturday
- Status
- 77 days away
- Weekend
- Falls on weekend
- About this Holiday
- One day of Eid-ul-Fitar, which marks the end of Ramadan, is a gazetted holiday in India.
India • March 21, 2026 • Saturday
Also known as: ईद-उल-फ़ितर
रमज़ान ईद, जिसे ईद-उल-फितर के नाम से भी जाना जाता है, भारत के सबसे महत्वपूर्ण और उत्साहजनक त्योहारों में से एक है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के उस ताने-बाने का हिस्सा है जो विविधता में एकता का संदेश देता है। यह पर्व इस्लाम के पवित्र महीने 'रमज़ान' के समापन का प्रतीक है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे एक महीने तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक कठिन उपवास (रोज़ा) रखते हैं। ईद का दिन उस धैर्य, अनुशासन और आध्यात्मिक शुद्धि का उत्सव है जो एक आस्तिक ने पूरे महीने के दौरान अनुभव की होती है।
भारत में इस त्योहार की रौनक देखते ही बनती है। दिल्ली की जामा मस्जिद से लेकर मुंबई की मोहम्मद अली रोड और हैदराबाद की चारमीनार की गलियों तक, हर जगह खुशियों की एक लहर दौड़ जाती है। यह त्योहार प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश लेकर आता है। इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और 'ईद मुबारक' कहते हैं। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि कठिन परिश्रम और आत्म-संयम के बाद मिलने वाला फल अत्यंत मीठा होता है।
वर्ष 2026 में रमज़ान ईद का उत्सव भारत में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष त्योहार की महत्वपूर्ण जानकारी निम्नलिखित है:
दिन: Saturday तारीख: March 21, 2026 शेष समय: अब से ईद आने में केवल 77 दिन शेष हैं।
यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि ईद-उल-फितर की सही तारीख इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने (रमज़ान) के अंत में 'शव्वाल' के महीने का चांद दिखने पर निर्भर करती है। भारत एक विशाल देश है, इसलिए भौगोलिक स्थिति के आधार पर चांद दिखने के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। आमतौर पर, आधिकारिक घोषणा धार्मिक अधिकारियों और हिलाल समितियों द्वारा चांद देखने के बाद की जाती है। यदि चांद एक दिन पहले दिख जाता है, तो उत्सव की तारीख में बदलाव हो सकता है, लेकिन वर्तमान गणना के अनुसार March 21, 2026 मुख्य तिथि है।
ईद-उल-फितर की परंपरा सदियों पुरानी है। इस्लामी इतिहास के अनुसार, इस त्योहार की शुरुआत पैगंबर मुहम्मद ने मक्का से मदीना प्रवास (हिजरत) के बाद की थी। माना जाता है कि जब पैगंबर साहब मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो विशेष दिन उत्सव मना रहे थे। उन्होंने बताया कि अल्लाह ने इन दो दिनों के बदले मुसलमानों को दो बेहतर दिन दिए हैं: ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा।
धार्मिक दृष्टि से, रमज़ान का महीना वह समय है जब पवित्र कुरान की पहली आयतें पैगंबर मुहम्मद पर अवतरित हुई थीं। इसलिए, पूरा महीना इबादत और आत्म-चिंतन का होता है। ईद-उल-फितर का शाब्दिक अर्थ है "उपवास तोड़ने का त्योहार"। यह अल्लाह के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है कि उन्होंने अपने बंदों को पूरे महीने रोज़ा रखने और उनकी इबादत करने की शक्ति प्रदान की। यह दिन उपवास की समाप्ति और एक नई आध्यात्मिक शुरुआत का प्रतीक है।
भारत में ईद का जश्न कई दिनों पहले से ही शुरू हो जाता है। बाज़ारों में रौनक बढ़ जाती है और लोग नए कपड़े, जूते और उपहार खरीदने में व्यस्त हो जाते हैं। उत्सव के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
भारत में रमज़ान ईद को अक्सर 'मीठी ईद' भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन मीठे व्यंजनों की भरमार होती है। भारतीय रसोई में इस दिन बनने वाले पकवानों की खुशबू पूरे मोहल्ले में फैल जाती है।
शीर खुरमा: यह ईद का सबसे मुख्य व्यंजन है। यह दूध, सेवइयां, चीनी और ढेर सारे सूखे मेवों (जैसे खजूर, बादाम, पिस्ता) से बनाई जाने वाली एक बेहद स्वादिष्ट खीर है। इसके बिना ईद अधूरी मानी जाती है। सेवइयां: भुनी हुई सेवइयों को चाशनी या दूध के साथ अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। बिरयानी और कबाब: मीठे के अलावा, दोपहर के भोजन में चटपटी बिरयानी (मटन, चिकन या वेज) और विभिन्न प्रकार के कबाबों का आनंद लिया जाता है। मुगलई व्यंजन: कई घरों में शाही टुकड़ा, कोरमा और फिरनी जैसे पारंपरिक मुगलई पकवान भी विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं।
भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में ईद का सामाजिक महत्व बहुत अधिक है। यह त्योहार केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं रहता। हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य समुदायों के लोग भी अपने मुस्लिम मित्रों के घर जाकर ईद की खुशियों में शामिल होते हैं। 'ईद मिलन' समारोह आयोजित किए जाते हैं जहाँ समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।
यह पर्व सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देता है। भारत के ग्रामीण इलाकों से लेकर महानगरों तक, ईद के दिन जो दृश्य दिखाई देते हैं, वे 'गंगा-जमुनी तहजीब' का जीवंत उदाहरण हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानवता और प्रेम ही सबसे बड़ा धर्म है।
यदि आप 2026 की ईद के दौरान भारत में हैं, तो कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ आपको इस त्योहार का वास्तविक वैभव देखने को मिलेगा:
दिल्ली: पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद और उसके आस-पास के बाज़ार (चांदनी चौक) ईद के दौरान स्वर्ग की तरह लगते हैं। यहाँ का भोजन और सजावट अद्वितीय होती है। लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में ईद बहुत ही नफासत और तहजीब के साथ मनाई जाती है। यहाँ की 'आसिफी मस्जिद' में नमाज़ का दृश्य बहुत भव्य होता है। हैदराबाद: चारमीनार के पास का इलाका रोशनी से जगमगा उठता है। यहाँ की हलीम और बिरयानी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। मुंबई: माहिम दरगाह और मोहम्मद अली रोड पर ईद का जश्न पूरी रात चलता है। यहाँ के स्ट्रीट फूड का अनुभव लेने लोग दूर-दूर से आते हैं।
हाँ, ईद-उल-फितर भारत में एक राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday) है। इस दिन पूरे देश में केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहते हैं।
सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति: परिवहन: सार्वजनिक परिवहन (बसें, मेट्रो, ट्रेनें) चालू रहते हैं, लेकिन ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास भारी भीड़ के कारण यातायात में बदलाव या देरी हो सकती है। बाज़ार: अधिकांश बाज़ार और दुकानें खुली रहती हैं, विशेष रूप से शाम के समय जब लोग उत्सव मनाने बाहर निकलते हैं। हालांकि, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कुछ छोटी दुकानें नमाज़ के समय बंद हो सकती हैं। निजी क्षेत्र: अधिकांश निजी कंपनियाँ भी इस दिन अपने कर्मचारियों को छुट्टी देती हैं।
रमज़ान ईद या ईद-उल-फितर का त्योहार आत्म-संयम, त्याग और ईश्वर के प्रति समर्पण का उत्सव है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन की असली खुशी दूसरों की मदद करने और सबके साथ मिलकर रहने में है। 2026 में जब आप March 21, 2026 को ईद मनाएंगे, तो यह केवल एक दिन का जश्न नहीं होगा, बल्कि यह एक महीने की कठिन साधना का वह मधुर परिणाम होगा जो आपके जीवन में शांति और समृद्धि लेकर आएगा।
चाहे आप शीर खुरमा का आनंद ले रहे हों या नमाज़ के लिए कतार में खड़े हों, ईद का संदेश स्पष्ट है: प्रेम ही ईश्वर है और सेवा ही सबसे बड़ी इबादत है। आप सभी को आने वाली ईद की अग्रिम शुभकामनाएं
Common questions about Ramzan Id in India
भारत में साल 2026 में रमज़ान ईद (ईद-उल-फितर) मुख्य रूप से March 21, 2026 को मनाई जाएगी, जो कि Saturday का दिन है। इस महत्वपूर्ण उत्सव के आगमन में अब केवल 77 दिन शेष हैं। हालांकि, ईद की सटीक तिथि पूरी तरह से अर्धचंद्र (चांद) के दर्शन पर निर्भर करती है, जिसके कारण क्षेत्रीय अवलोकन के आधार पर इसमें एक या दो दिन का अंतर हो सकता है। भारत में धार्मिक अधिकारियों द्वारा आधिकारिक तौर पर चांद देखे जाने की पुष्टि के बाद ही त्योहार की अंतिम घोषणा की जाती है।
हाँ, रमज़ान ईद भारत में एक राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश है। इस दिन केंद्र और राज्य सरकार के अधिकांश कार्यालय, बैंक, स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं। यह मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है, इसलिए देश भर के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में इस दिन छुट्टी दी जाती है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों और संस्थानों में इस दौरान गतिविधियाँ काफी कम रहती हैं और लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने में समय बिताते हैं।
रमज़ान ईद या ईद-उल-फितर का शाब्दिक अर्थ 'उपवास तोड़ने का त्योहार' है। इसकी शुरुआत पैगंबर मुहम्मद ने मक्का से मदीना प्रवास के बाद की थी। यह त्योहार रमज़ान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, जिस दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक कड़ा उपवास (रोज़ा) रखते हैं। यह महीना आत्म-अनुशासन, प्रार्थना और अल्लाह के साथ गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने के लिए समर्पित है। ईद इस एक महीने के आध्यात्मिक अनुशासन और संयम की सफल समाप्ति की खुशी में मनाई जाती है।
भारत में ईद का जश्न बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उत्सव की शुरुआत सुबह की विशेष नमाज़ से होती है, जो मस्जिदों या बड़े ईदगाहों में सामूहिक रूप से अदा की जाती है। इसके बाद लोग एक-दूसरे को गले लगकर 'ईद मुबारक' कहते हैं। घरों में उत्सव का माहौल होता है जहाँ परिवार और मित्र मिलकर स्वादिष्ट भोजन और मिठाइयों का आनंद लेते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और अपने प्रियजनों के घर जाकर उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। बाज़ारों में विशेष सजावट और रौनक देखने को मिलती है।
रमज़ान ईद के दौरान दान देना, जिसे 'ज़कात-अल-फितर' कहा जाता है, इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा है। उत्सव की नमाज़ से पहले गरीबों और जरूरतमंदों को दान या भिक्षा दी जाती है ताकि समाज का हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, त्योहार की खुशी में शामिल हो सके। यह परंपरा समुदाय के प्रति जिम्मेदारी और करुणा की भावना को दर्शाती है। उपहार बांटना और कम भाग्यशाली लोगों की मदद करना इस उत्सव के आध्यात्मिक सार को और भी गहरा बनाता है।
भारत में ईद के अवसर पर खान-पान का विशेष महत्व है। 'शीर खुरमा' (दूध, सेंवई और सूखे मेवों से बनी मीठी डिश) इस त्योहार का सबसे मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा, विभिन्न प्रकार की बिरयानी, कबाब, कोरमा और फिरनी जैसे लजीज व्यंजन तैयार किए जाते हैं। लोग अपने पड़ोसियों और दोस्तों को भी इन व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिससे यह त्योहार आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन जाता है।
यदि आप ईद के दौरान भारत की यात्रा कर रहे हैं, तो पुरानी दिल्ली, लखनऊ या हैदराबाद जैसे शहरों के मुस्लिम बहुल इलाकों का दौरा करना एक अद्भुत अनुभव हो सकता है। वहां की सजावट, विशेष बाज़ार और स्ट्रीट फूड का आनंद जरूर लें। हालांकि, यह ध्यान रखें कि मस्जिदों में नमाज़ के समय काफी भीड़ हो सकती है, इसलिए सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनाए रखें और शालीन कपड़े पहनें। चूंकि यह एक सार्वजनिक अवकाश है, इसलिए अपनी यात्रा और परिवहन की योजना पहले से बना लें क्योंकि कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा की गतिविधियों पर आधारित एक चंद्र कैलेंडर है, जो सौर कैलेंडर की तुलना में लगभग 10 से 11 दिन छोटा होता है। इसी कारण रमज़ान ईद की तारीख हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार बदलती रहती है। भारत में, त्योहार की सटीक तारीख स्थानीय रूप से चांद देखे जाने (हिलाल) पर निर्भर करती है। यदि रमज़ान के 29वें दिन शाम को चांद दिख जाता है, तो अगले दिन ईद मनाई जाती है, अन्यथा रमज़ान का महीना 30 दिनों का होता है और उसके बाद ईद मनाई जाती है।
Ramzan Id dates in India from 2012 to 2025
| Year | Day of Week | Date |
|---|---|---|
| 2025 | Monday | March 31, 2025 |
| 2024 | Thursday | April 11, 2024 |
| 2023 | Saturday | April 22, 2023 |
| 2022 | Tuesday | May 3, 2022 |
| 2021 | Friday | May 14, 2021 |
| 2020 | Monday | May 25, 2020 |
| 2019 | Wednesday | June 5, 2019 |
| 2018 | Saturday | June 16, 2018 |
| 2012 | Monday | August 20, 2012 |
Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.