Good Friday

India • April 3, 2026 • Friday

90
Days
16
Hours
24
Mins
12
Secs
until Good Friday
Asia/Kolkata timezone

Holiday Details

Holiday Name
Good Friday
Country
India
Date
April 3, 2026
Day of Week
Friday
Status
90 days away
About this Holiday
Many Christians commemorate Jesus Christ’s crucifixion and death on Good Friday. It is a gazetted holiday in India.

About Good Friday

Also known as: गुड फ्राइडे

गुड फ्राइडे: भारत में श्रद्धा, त्याग और आत्म-चिंतन का महापर्व

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में से एक है। यह दिन केवल एक धार्मिक अवकाश नहीं है, बल्कि यह ईसा मसीह के असीम प्रेम, उनके बलिदान और मानवता के प्रति उनकी करुणा का प्रतीक है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं, गुड फ्राइडे को अत्यंत गंभीरता और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन ईसा मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु की याद में मनाया जाता है। ईसाई मान्यताओं के अनुसार, ईसा मसीह ने पूरी मानवता के पापों के प्रायश्चित के लिए स्वयं का बलिदान दिया था।

भारत में गुड फ्राइडे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ की ईसाई आबादी, जो कि कुल जनसंख्या का लगभग 2.3 प्रतिशत है, अपनी सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधताओं के साथ इसे मनाती है। केरल के प्राचीन चर्चों से लेकर गोवा के ऐतिहासिक बेसिलिका और उत्तर-पूर्व के पहाड़ी राज्यों तक, गुड फ्राइडे की गूँज पूरे देश में सुनाई देती है। यह दिन खुशी मनाने का नहीं, बल्कि शोक व्यक्त करने, उपवास रखने और प्रार्थना करने का दिन है। चर्चों में घंटियाँ नहीं बजाई जातीं और वातावरण में एक विशेष प्रकार की शांति और गंभीरता छाई रहती है।

इस दिन को "गुड" (शुभ) कहना पहली नज़र में विरोधाभासी लग सकता है क्योंकि यह ईसा मसीह की मृत्यु का दिन है। हालांकि, ईसाई धर्मशास्त्र के अनुसार, इसे 'गुड' इसलिए कहा जाता है क्योंकि ईसा मसीह के इस बलिदान ने ही मानवता के लिए उद्धार और पुनरुत्थान के मार्ग खोले। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत और ईश्वर की अगाध दया का सूचक है। भारत में लोग इस दिन को 'पवित्र शुक्रवार' या 'शोक दिवस' के रूप में भी जानते हैं और इसे पूरी गरिमा के साथ मनाया जाता है।

2026 में गुड फ्राइडे कब है?

भारत में वर्ष 2026 के लिए गुड फ्राइडे की तिथि और समय का विवरण नीचे दिया गया है:

दिन: Friday तारीख: April 3, 2026 शेष समय: आज से गुड फ्राइडे तक अभी 90 दिन शेष हैं।

गुड फ्राइडे की तारीख हर साल बदलती रहती है। यह एक 'चलायमान' (Variable) अवकाश है। इसकी गणना चंद्रमा के चक्र के आधार पर की जाती है। यह हमेशा ईस्टर संडे (Easter Sunday) से ठीक पहले वाले शुक्रवार को पड़ता है। ईस्टर संडे वसंत विषुव (Spring Equinox) के बाद आने वाली पहली पूर्णिमा के बाद के पहले रविवार को मनाया जाता है। भारत में, अधिकांश ईसाई समुदाय पश्चिमी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर का पालन करते हैं, जिसके अनुसार 2026 में यह 3 अप्रैल को मनाया जाएगा।

गुड फ्राइडे का इतिहास और धार्मिक महत्व

गुड फ्राइडे का इतिहास बाइबल के नए नियम (New Testament) में वर्णित घटनाओं पर आधारित है। ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार, ईसा मसीह को उनके शिष्यों में से एक, यहूदा इस्करियोती, द्वारा विश्वासघात के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन पर ईश-निंदा और राजद्रोह का आरोप लगाया गया। रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस ने जन दबाव में आकर उन्हें क्रूस पर चढ़ाने की सजा सुनाई।

ईसा मसीह को कांटों का ताज पहनाया गया और उन्हें स्वयं का क्रूस उठाकर कलवारी (Calvary) नामक पहाड़ी तक ले जाने के लिए मजबूर किया गया। वहाँ उन्हें दो अन्य अपराधियों के बीच क्रूस पर कीलों से ठोक दिया गया। बाइबल के अनुसार, ईसा मसीह दोपहर से लेकर दोपहर के 3 बजे तक क्रूस पर रहे, जिसके बाद उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उनके अंतिम शब्द "हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं," आज भी क्षमा और प्रेम की पराकाष्ठा माने जाते हैं।

भारत में इस कहानी का विशेष महत्व है क्योंकि यह त्याग और अहिंसा के उन मूल्यों को प्रतिध्वनित करती है जो भारतीय संस्कृति के मूल में रहे हैं। ईसा मसीह का बलिदान सिखाता है कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए कष्ट सहना ही वास्तविक महानता है।

भारत में गुड फ्राइडे की परंपराएं और रीति-रिवाज

भारत एक विशाल देश है और यहाँ गुड फ्राइडे मनाने के तरीके क्षेत्र के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं, लेकिन मूल भावना एक ही रहती है।

1. चर्च की विशेष सेवाएँ (Church Services)

गुड फ्राइडे के दिन चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की जाती हैं। मुख्य सेवा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच होती है, जिसे 'थ्री आवर्स एगनी' (Three Hours' Agony) कहा जाता है। यह वही समय है जब ईसा मसीह क्रूस पर थे। इस दौरान बाइबल के उन सात वाक्यों का पाठ किया जाता है जो ईसा मसीह ने क्रूस पर कहे थे। भक्तजन घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना करते हैं और ईसा मसीह के कष्टों को याद करते हैं।

2. क्रूस का मार्ग (Stations of the Cross)

कई स्थानों पर, विशेषकर केरल और गोवा में, 'वे ऑफ द क्रॉस' या 'क्रूस का मार्ग' का आयोजन किया जाता है। इसमें ईसा मसीह की अंतिम यात्रा के 14 पड़ावों का नाटकीय रूपांतरण या चित्रमय प्रदर्शन किया जाता है। श्रद्धालु एक जुलूस के रूप में चलते हैं और प्रत्येक पड़ाव पर रुककर प्रार्थना करते हैं। कुछ लोग भारी लकड़ी के क्रूस उठाकर पैदल चलते हैं ताकि वे ईसा मसीह के दर्द का अनुभव कर सकें।

3. उपवास और परहेज (Fasting and Penance)

गुड फ्राइडे के दिन अधिकांश ईसाई उपवास रखते हैं। कई लोग केवल एक समय सादा भोजन करते हैं और मांस-मदिरा से पूरी तरह परहेज करते हैं। केरल जैसे राज्यों में, इस दिन 'कंजी' (चावल की दलिया) और 'पयिरु' (दाल) जैसे सादे भोजन का सेवन करने की परंपरा है। यह सादगी और आत्म-संयम का प्रतीक है।

4. 'हॉट क्रॉस बन्स' (Hot Cross Buns)

भारत के शहरी क्षेत्रों और एंग्लो-इंडियन समुदायों में 'हॉट क्रॉस बन्स' खाने की परंपरा है। ये मीठे मसालेदार बन्स होते हैं जिनके ऊपर सफेद क्रीम या आटे से क्रूस का निशान बनाया जाता है। यह क्रूस ईसा मसीह के बलिदान का प्रतीक है और इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले उन मसालों की याद दिलाते हैं जो उनके दफ़न के समय इस्तेमाल किए गए थे।

5. मौन और चिंतन

इस दिन घरों और चर्चों में किसी भी प्रकार का उत्सव या शोर-शराबा नहीं होता। टेलीविजन और संगीत बंद रखे जाते हैं। लोग अपना समय बाइबल पढ़ने और ध्यान लगाने में बिताते हैं। चर्च के वेदी (Altar) को खाली कर दिया जाता है और मूर्तियों को काले या बैंगनी कपड़े से ढंक दिया जाता है, जो शोक का प्रतीक है।

क्षेत्रीय विविधताएं

केरल: यहाँ गुड फ्राइडे को 'पुण्य वेल्लीयाचा' कहा जाता है। केरल के सीरियाई ईसाई समुदायों में इस दिन के लिए बहुत कड़े नियम हैं। लोग नंगे पैर चर्च जाते हैं और विशेष कड़वा पेय (Bitter Drink) पीते हैं, जो ईसा मसीह को दिए गए सिरके और पित्त की याद दिलाता है। गोवा: गोवा के चर्चों में गुड फ्राइडे के दिन एक विशेष गरिमा होती है। पणजी के 'इमैकुलेट कॉन्सेप्शन चर्च' में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं। यहाँ ईसा मसीह की प्रतिमा का जुलूस निकाला जाता है जिसे 'सेन्होर मोंटे' कहा जाता है। उत्तर-पूर्व भारत: मिजोरम, नागालैंड और मेघालय जैसे राज्यों में, जहाँ ईसाई बहुमत है, गुड फ्राइडे के दिन पूरा जनजीवन ठहर जाता है। लोग पहाड़ियों पर चढ़कर प्रार्थना करते हैं और सामुदायिक प्रार्थना सभाओं में भाग लेते हैं।

पर्यटकों और प्रवासियों के लिए व्यावहारिक जानकारी

यदि आप गुड फ्राइडे के दौरान भारत की यात्रा कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:

  1. व्यवहार और शिष्टाचार: गुड फ्राइडे एक शोक का दिन है। यदि आप किसी चर्च में जाते हैं, तो शांति बनाए रखें। मोबाइल फोन बंद रखें या साइलेंट मोड पर रखें। यह फोटोशूट का समय नहीं है, इसलिए चर्च के भीतर तस्वीरें लेने से बचें जब तक कि अनुमति न हो।
  2. पहनावा: शालीन कपड़े पहनें। कंधे और घुटने ढंके होने चाहिए। भड़कीले रंगों के बजाय सादे कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है।
  3. सार्वजनिक परिवहन: ईसाई बहुल क्षेत्रों (जैसे गोवा या कोच्चि) में सार्वजनिक परिवहन कम हो सकता है क्योंकि ड्राइवर और कर्मचारी भी प्रार्थना में शामिल होते हैं।
  4. भोजन: कई ईसाई रेस्तरां इस दिन बंद रह सकते हैं या केवल शाकाहारी भोजन परोस सकते हैं।

क्या गुड फ्राइडे भारत में सार्वजनिक अवकाश है?

हाँ, गुड फ्राइडे भारत में एक 'राजपत्रित अवकाश' (Gazetted Holiday) है। इसका अर्थ है कि यह एक अनिवार्य राष्ट्रीय अवकाश है जो पूरे देश में लागू होता है।

सरकारी कार्यालय और बैंक: सभी केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, बैंक और वित्तीय संस्थान इस दिन बंद रहते हैं। स्कूल और कॉलेज: लगभग सभी शैक्षणिक संस्थान इस दिन अवकाश रखते हैं। निजी क्षेत्र: अधिकांश निजी कंपनियाँ और आईटी पार्क भी अपने कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी देते हैं। हालांकि, कुछ आवश्यक सेवाओं और खुदरा दुकानों में काम जारी रह सकता है। बाजार: प्रमुख शहरों के बाजार खुले हो सकते हैं, लेकिन ईसाई बहुल मोहल्लों में दुकानें बंद रहने की संभावना अधिक होती है।

गुड फ्राइडे का यह अवकाश लोगों को अपने परिवार के साथ समय बिताने और आध्यात्मिक रूप से खुद को नवीनीकृत करने का अवसर प्रदान करता है।

निष्कर्ष

भारत में गुड फ्राइडे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह करुणा, क्षमा और निस्वार्थ प्रेम के सार्वभौमिक संदेश को दोहराने का दिन है। यह हमें याद दिलाता है कि अंधेरे के बाद उजाला अवश्य आता है और बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। ईसाई समुदाय के लिए यह दिन दुख का जरूर है, लेकिन यह उस आशा की नींव भी है जो ईस्टर के दिन ईसा मसीह के पुनरुत्थान के साथ पूरी होती है।

चाहे आप ईसाई हों या न हों, भारत में गुड फ्राइडे का अनुभव आपको शांति और मानवता के गहरे मूल्यों से जोड़ता है। 2026 में, जब आप April 3, 2026 को इस पवित्र दिन का अवलोकन करेंगे, तो यह ईसा मसीह के उन महान आदर्शों को याद करने का समय होगा जिन्होंने सदियों से दुनिया को प्रेरित किया है।

Frequently Asked Questions

Common questions about Good Friday in India

भारत में 2026 में गुड फ्राइडे April 3, 2026 को मनाया जाएगा, जो कि Friday का दिन है। वर्तमान समय से इस पवित्र दिन के आने में अब 90 दिन शेष बचे हैं। यह दिन ईसाई कैलेंडर के अनुसार ईस्टर संडे से ठीक दो दिन पहले आता है और प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है।

हाँ, गुड फ्राइडे भारत में एक 'गजटेड' यानी आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश है। इस दिन पूरे देश में केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, बैंक, स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं। हालांकि निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियां और पर्यटन स्थल खुले रह सकते हैं, लेकिन अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां इस दिन स्थगित रहती हैं ताकि लोग प्रार्थना और उपवास में समय बिता सकें।

गुड फ्राइडे ईसाइयों के लिए एक अत्यंत पवित्र और शोक का दिन है। यह दिन ईसा मसीह के परीक्षण, उनकी पीड़ा और कलवारी (Calvary) के पहाड़ पर उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने और मृत्यु की याद में मनाया जाता है। बाइबिल के अनुसार, यीशु ने मानवता के पापों के प्रायश्चित और मुक्ति के लिए अपना बलिदान दिया था। इसे 'गुड' इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनका यह बलिदान मानवता के लिए उद्धार और आशा का मार्ग खोलता है।

भारत में ईसाई समुदाय के लोग, विशेष रूप से केरल, गोवा, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में, इस दिन को बहुत ही सादगी और भक्ति के साथ मनाते हैं। चर्चों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं, जो यीशु के क्रूस पर अंतिम घंटों का प्रतीक हैं। लोग 'स्टेशन्स ऑफ द क्रॉस' के माध्यम से यीशु की अंतिम यात्रा को याद करते हैं और क्रूस की वंदना करते हैं। इस दिन कोई उत्सव या संगीत नहीं होता, बल्कि वातावरण शांत और चिंतनशील रहता है।

गुड फ्राइडे के दिन उपवास और तपस्या का विशेष महत्व है। कई ईसाई इस दिन पूर्ण उपवास रखते हैं या केवल एक समय सादा भोजन करते हैं। मांस के सेवन से परहेज किया जाता है। एक विशेष परंपरा 'हॉट क्रॉस बन्स' खाने की है, जो मसालेदार मीठे बन्स होते हैं और उनके ऊपर क्रॉस का निशान बना होता है। ये बन्स यीशु के बलिदान और उनके घावों का प्रतीक माने जाते हैं। परिवार के लोग घर पर भी साथ मिलकर प्रार्थना करते हैं।

पर्यटक चर्चों में जा सकते हैं, लेकिन उन्हें अत्यंत सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। चूंकि यह शोक और प्रार्थना का दिन है, इसलिए चर्च के भीतर मौन बनाए रखना अनिवार्य है। आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे शालीन कपड़े पहनें (कंधे और घुटने ढके हों) और बिना अनुमति के फोटो न खींचें। गोवा के बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस या कोच्चि के चर्चों में अंग्रेजी में भी सेवाएं होती हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक शामिल हो सकते हैं।

गुड फ्राइडे 'होली वीक' यानी पवित्र सप्ताह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह ईस्टर संडे से दो दिन पहले पड़ता है। ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार, गुड फ्राइडे को यीशु की मृत्यु हुई थी और उसके तीसरे दिन यानी रविवार को वे पुनर्जीवित हो गए थे, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे का शोक ईस्टर की खुशी और नई शुरुआत का आधार बनता है।

गुड फ्राइडे के दिन यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि ईसाई बहुल क्षेत्रों जैसे गोवा, केरल और मुंबई के कुछ हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन कम हो सकता है। अधिकांश सरकारी सेवाएं बंद रहेंगी, इसलिए अपने महत्वपूर्ण काम पहले ही निपटा लें। यदि आप किसी ईसाई परिवार के पास हैं, तो उन्हें 'हैप्पी गुड फ्राइडे' न कहें, क्योंकि यह शोक का दिन है; इसके बजाय आप इसे एक 'पवित्र दिन' कह सकते हैं। सार्वजनिक रूप से मांसाहार से बचना भी सम्मानजनक माना जाता है।

Historical Dates

Good Friday dates in India from 2010 to 2025

Year Day of Week Date
2025 Friday April 18, 2025
2024 Friday March 29, 2024
2023 Friday April 7, 2023
2022 Friday April 15, 2022
2021 Friday April 2, 2021
2020 Friday April 10, 2020
2019 Friday April 19, 2019
2018 Friday March 30, 2018
2017 Friday April 14, 2017
2016 Friday March 25, 2016
2015 Friday April 3, 2015
2014 Friday April 18, 2014
2013 Friday March 29, 2013
2012 Friday April 6, 2012
2011 Friday April 22, 2011
2010 Friday April 2, 2010

Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.